दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Thursday, 6 April 2017

भर्मर सजन

                                                                     भर्मर सजन
                                                   


भर्मर  की आदत को पुष्प प्यार क्यों समझा 
उसके गुंजन को वो इकरार क्यों समझा ?,
भँवरा ! तो उड़ गया नए फूल की धुन में 
मासूम सा वो पुष्प आदत को ऐतबार क्यों समझा ?,
तन्हाई में रहने लगा  उसके इंतज़ार में 
सबसे अलग वो गया काफिर के प्यार में, 
इसी इंतज़ार में आएगा भर्मर, आएगा उसके प्यार में 
वो जिंदगी के इस पार से उस पार  हो गया, 
और भर्मर को पता तक ना चला 
कौन ?उसकी चाहत में फना हो के ,
इस तरह तार तार हो गया 
एक बार फिर कोई इश्क़ क़र लाचार हो गया. 
शिखानारी