दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Thursday, 6 April 2017

मधु मास

मधु मास
! मधु मास ,ओ मधु मास
कैसे भी मधु में लिपटी ये मधुर रात्रि ना बीते ,
बीते तो दर्द भरे लम्हे ये मधुर संगति न बीते, 
बीते तो उम्र मेरी बीते ये पर ये मधुर जिंदगी ना बीते ,
वो यूँ ही गाये राग मधुर मैं यूँ ही हो कर प्रेम विकल ,
अपने  मस्तक पर उन्हें सजा अपनी पलको पर उन्हें उठा ,
बिन घुंघरू के भी नाच उठू बिन साज़ो के भी राग उठे ,
ना घर हो ना ही सेज़ कोई ना डर ना ही अवरोध कोई ,
ना हो समाज के नियम वहाँ ना रिश्तो के अवशेष कोई, 
बस तुम हो और बस 'तुम' ही हो, और मैं भी, तुम में बसी हुयी ,
कोई ना ढूंढ  सके मुझको इस तरह मै खो जाऊं तुम में ,
मैं हूँ तुम मे और 'तुम' मुझ में हम खुद खुद को ना ढूढ़  सके ,
हर मास बदल ले नाम सनम हर सॉस तुम्हारी साँस सनम 
अब वक़्त रहे या मिट जाए ,'हम' में सारा 'तम' मिट जाए 
और 
जीवन भर मधु मास रहे
शिखानारी