दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Wednesday, 5 April 2017

नाजुक डाली

                                                                   नाजुक डाली 
 आखिर तुमने तोड़ ही डाली फूलो की वो नाजुक डाली 
मेरी दुनिया खाक! बना कर तुम भी तन्हा रहो सवाली ,
मैंने तुमको कुछ हक़ दे कर खुद को आखिर मार ही डाला, 
तुमने  छू कर पाक बदन को "खाक" हवन की "राख" बना दी ,
कुछ लम्हो में मैं भी बहकी साँसों ने एक आग लगा दी ,
पी  तो नही सुराही! हमने पर साकी ने प्यास जगा दी ,
 खुद से शर्मिंदाहूँ  इतनी खुद से नज़र मिलाऊ कैसे?
नाज़ किया करते थे जिस पर हल्की कर वो बात उड़ा दी ,
मेरे हर विश्वास को तोडा तन्हाई का किया बहाना ,
मैंने अपने प्यार की लोगो खुद ही, देखो हंसी उड़ा दी ,
उस  काफिर ने मुझ काफिर को देखो मेरी, जात बता दी, 
खुद से ही हम रूठ  गए है खुद से बन्धन टूट गए है ,
उन  बहके लम्हो ने खुद  मेरी खुद से पहचान मिटा  दी ,
खुद से हूँ  अजनबी इस तरह देखो, रब ने खूब सजा दी...  
शिखानारी