आइये ले चलती हूँ आपको अपने अहसासों की दरिया की सैर पर
बहती यादो की दरिया में ,जब गम के तूफां आते है,
ले टूटी -फूटी जीवन -कश्ती ,हम दरिया में बह जाते है ,
जीवन की कश्ती में मेरी, छेद बहुत है धोखो के ,
अनुभव के पतवार बह चुके ,बीते लम्हो के झोको में
हम फिर भी तुफानो में इन आगे बढ़ते जाते है,
अनुभव के पतवार बह चुके ,बीते लम्हो के झोको में
हम फिर भी तुफानो में इन आगे बढ़ते जाते है,
चलते है तंजो के नश्तर ,रंजिश की बरसातों में
हम सपनो का छाता ले ,दुनिया से टकराते है
वाह री किस्मत ,ज़रा बता ,ये कैसा इन्साफ तेरा
वादों के भंवरो में फस कर ,डूब ,क्यों नहीं जाते है।
किस्मत की कठपुतली से क्यों , बेमक़सद, उतराते है
वादों के भंवरो में फस कर ,डूब ,क्यों नहीं जाते है।
किस्मत की कठपुतली से क्यों , बेमक़सद, उतराते है
थाह हींन भावो की नदिया पार भी नहीं पाते है
होश नहीं क्या खोया इसमें, और ना जाने क्या पाया
दिशाहीन और लक्ष्यहीन बस यूँही बहते जाते हैं
शिखानारी
दिशाहीन और लक्ष्यहीन बस यूँही बहते जाते हैं
शिखानारी
