दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Wednesday, 19 April 2017

चाँद के आंसू

                                                                चाँद के आंसू 
ये  सुबह ,रात सी नम क्यों है?
 लगता है चाँद! रो  रहा है अब तक ,
ये नमी चाँद के आंसुओ, की मुझे ,
यूँही भिगो रही है अब तक, 
क्यों ?सवेरा मेरे घर में होता नहीं ,
हर आंसू ये कहता है मैं,  रोता  नहीं ,
मुस्कराहट ,मुसीबत के होंठो पे है
 और  हादसे  कह रहे है, मैं  सोता नहीं 
गर्दिशो के निशाँ मेरे माथे पे है
"इश्क़" यूँ  हर किसी को तो होता नहीं ,
 जब भी देखा खुद को सँभालते हुए ,
अश्क़ बह निकले आंख से उमड़ते हुए,
बेवफाई की किसको दुहाई ये दे ,
उन्होंने बेवजह  दिल ये तोडा नहीं 
उनको जाना पड़ा हाथ ये छोड़  के 
किस्मत ना थी वरना, उनको मैं खोता नहीं
सोचा छुप कर सही यूँही, खो जाये हम
 आंख रोये और हम मुस्कुराते रहे, 
लोग दुनिया में कब रहते सदा के लिए ,
लोग आते रहे लोग जाते रहे. 
जो मेरे थे ,वो हमसे जुदा हो गए ,
अब तुमको पाना भी क्या? ,तुमको खोना भी क्या ?
पर न जाने क्यों? जब खुद को देखा सँभालते हुए ,
अश्क़ बह निकले आंख से उमड़ते हुए,
जिनको पाया नहीं ,उनको खोना भी क्या ?,
तेरे होठों पे अब, मेरा नाम, होना भी क्या?
शिखानारी