बंजर दिल
दिल मेरा गुलज़ार रहा
कुछ समय कागज़ी फूलो से ,
बारिश का ये मौसम है
सच्चे फूलों को खिलने दो
जाओ ले जाओ दिल अपना
कमल दूसरा खिलने दो ,
अब गुल न खिलेगा सोचा था
पर पूरी बगिया महक उठी
सूखे पेड़ो की डाली पर एक साथ
कोयले कोहुक उठी,
इस जली हुयी अमराई में ना जाने कब,
हर ओर सुवासित हवा बही
ना जाने कब भंवरो के गुंजन से
ये ,मन वीणा भी गूंज उठी ,
ना जाने कब एक माली ने
एक बीज ,लगाया उल्फत का
ना जाने कब बंजर दिल में
एक ,छोटी कोपल फूट पड़ी ,
जाने कैसे पत्थर दिल में
एक दर्द उठा, जज्बात जगे
जाने कब मै तुम संग जीने के
फिर से, सपने देख पड़ी ,
सब जान गए है राज़ मेरा
है इश्क़ नया अंदाज़ नया
मेरे होंठो पर गीत देख
ये लोग हमेशा कहते है,
कोई तो है जो सुनो यहाँ
इस टूटे दिल में रहते है.
शिखानारी
दिल मेरा गुलज़ार रहा
कुछ समय कागज़ी फूलो से ,
बारिश का ये मौसम है
सच्चे फूलों को खिलने दो
जाओ ले जाओ दिल अपना
कमल दूसरा खिलने दो ,
अब गुल न खिलेगा सोचा था
पर पूरी बगिया महक उठी
सूखे पेड़ो की डाली पर एक साथ
कोयले कोहुक उठी,
इस जली हुयी अमराई में ना जाने कब,
हर ओर सुवासित हवा बही
ना जाने कब भंवरो के गुंजन से
ये ,मन वीणा भी गूंज उठी ,
ना जाने कब एक माली ने
एक बीज ,लगाया उल्फत का
ना जाने कब बंजर दिल में
एक ,छोटी कोपल फूट पड़ी ,
जाने कैसे पत्थर दिल में
एक दर्द उठा, जज्बात जगे
जाने कब मै तुम संग जीने के
फिर से, सपने देख पड़ी ,
सब जान गए है राज़ मेरा
है इश्क़ नया अंदाज़ नया
मेरे होंठो पर गीत देख
ये लोग हमेशा कहते है,
कोई तो है जो सुनो यहाँ
इस टूटे दिल में रहते है.
शिखानारी
