दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Wednesday, 5 April 2017

बंजर दिल

 बंजर दिल

बंजर दिल
दिल मेरा गुलज़ार रहा
 कुछ समय कागज़ी फूलो से ,
बारिश का ये मौसम है 

सच्चे फूलों को खिलने दो
जाओ ले जाओ दिल अपना

 कमल दूसरा खिलने दो ,
अब गुल न खिलेगा सोचा था

 पर पूरी बगिया महक उठी 
सूखे पेड़ो की डाली पर एक साथ

 कोयले कोहुक उठी,
इस जली हुयी अमराई में ना जाने कब,

 हर ओर सुवासित हवा बही
ना जाने कब भंवरो के गुंजन से 

ये ,मन वीणा भी गूंज उठी ,
ना जाने कब एक माली ने

 एक बीज ,लगाया उल्फत का
ना जाने कब बंजर दिल में 

एक ,छोटी कोपल फूट पड़ी ,
जाने कैसे पत्थर दिल में 

एक दर्द उठा, जज्बात जगे
जाने कब मै तुम संग जीने के 

फिर से, सपने देख पड़ी ,
सब जान गए है राज़ मेरा 

है इश्क़ नया अंदाज़ नया
मेरे होंठो पर गीत देख 

ये लोग हमेशा कहते है,
कोई तो है जो सुनो यहाँ 

इस टूटे दिल में रहते है.
शिखानारी