दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Sunday, 16 April 2017

अलविदा

अलविदा

वो कुछ मजबूरिया थी मेरी मैं बेवफा नहीं ,
हो लहज़ा तल्ख! बहुत मेरा
 पर मैं खुद तल्ख़!  नहीं 
ये जिंदगी अपनी  कुछ इस तरह से ही गुज़री ,
जीने का मुझमे में बाकी अब कुछ भी सलीका नहीं ,
गर्दिशे जिंदगी में पाया तो बहुत कुछ  ,
पर दिल ने माँगा जिसे सिर्फ वो ही हमारा नहीं 
कुछ रिश्तो की मजबूरियाँ थी,कुछ रस्मो की दीवारे भी  ,
करना शिकवा किस्मत से हमको अब भी गवारा नहीं 
एक शख्स को माँगा था, हमने दुआ में ,
हाथ ,उसके बाद दुआ को दिल अब तक उठा ना सका 
कसम खायी थी साथ निभाने की उस जन्म तक ,
हद ! ये है हमारी बदकिस्मती की वो 
दो कदम भी, साथ अपना निभा ना सका,
बेवफा नहीं था वो बस तकदीर के वार से 
बेचारा खुद को मौत से बचा ना  सका नहीं ,
वो चला गया हमको अलविदा भी ना कहा 
फिर आज तक कोई हमको फिर हंसा सका नहीं ,
 .ऐसा नहीं की अब हम मुस्कुराते नहीं ,
कब कहा, हमने की वो स्वप्नों में आते नहीं --------------- 
शिखानारी