दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Wednesday, 12 April 2017

सौतन का घर

सौतन का घर 

हर तरफ शोलो के दरिया सूखते हसरत के फूल 
कितने धूमिल चित्र है हर तरफ यादो की धूल ,
सपना सुहाना समझ कर सोचा एक घर बनाले 
एक गुल की जुस्तजू में ,लाखो कांटे दिल ने  संभाले  ,
भूल कर हर गम जो फिर से, घर सजाते है 
देखिये हादसे जिंदगी में क्या खूब आते है ,
हमने सच्चे मोतियों से घर बनाया पर 
लेने यहाँ सकून लोग पर कुछ और आते है ,
मेरे साजन दुश्मनो से दिल लगाते  है  
और हम तनहा नए सपने सजाते है ,
फूल यादो के, ज़रा बासी लगे तो हम 
तोड़ के दिल  अरमान ताज़े फिर लगाते है,
साजना को  भाती नहीं खुशबुएँ मेरे  सपनो की 
इसलिए वो नये घर में जरा, कुछ कम ही आते है, 
 हम नादान से सब कुछ तोड़ फोड़ के 
अपने साजन को लुभाने ,
फिर नया  कोई  गुर आज़माते है
उफ़, मगर किसमत की फिर भी हार जाते है ,
अहसास सारे मर चुके है उनके चाहत में 
इसलिए 
हार कर खाली हाथ तन्हा "जिंदगी में अकेले लौट जाते है। 
शिखानारी