दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Wednesday, 12 April 2017

नुक्सान

   नुक्सान 
                   
एक नई कहानी लिखनी थी पर
ना आये नए फ़साने याद बहुत,
वही  प्यारी पिछली बाते है
जब हम  भी थे नादाँन बहुत,
कुछ उम्र  की पहली मंजिल थी
और आती थी मुस्कान बहुत ,
ना ही किसी ने समझाया 
कुछ रस्ते थे अनजान बहुत, 
आखिर हमने भी खेल लिया 
जिस खेल में थे नुक्सान बहुत,
वो जीत गए हम   हार गए 
फिर उसने ने की मनुहार बहुत,
कर लिया शिकार मेरा ही यार  
जैसे हम से हो प्यार बहुत ,
वो सब ले के धोखा दे के 
जाने कबकैसे  यूँ दूर हुए, 
था कितना समझाया लोग ने
की प्यार नहीं आसान बहुत,  
सब सच ही तो  निकला,
की है झूठ की इस रफ़्तार बहुत।
शिखानारी