नुक्सान
एक नई कहानी लिखनी थी पर
ना आये नए फ़साने याद बहुत,
वही प्यारी पिछली बाते है
जब हम भी थे नादाँन बहुत,
कुछ उम्र की पहली मंजिल थी
और आती थी मुस्कान बहुत ,
ना ही किसी ने समझाया
कुछ रस्ते थे अनजान बहुत,
आखिर हमने भी खेल लिया
जिस खेल में थे नुक्सान बहुत,
वो जीत गए हम हार गए
फिर उसने ने की मनुहार बहुत,
कर लिया शिकार मेरा ही यार
जैसे हम से हो प्यार बहुत ,
वो सब ले के धोखा दे के
जाने कबकैसे यूँ दूर हुए,
था कितना समझाया लोग ने
की प्यार नहीं आसान बहुत,
सब सच ही तो निकला,
की है झूठ की इस रफ़्तार बहुत।
शिखानारी
ना आये नए फ़साने याद बहुत,
वही प्यारी पिछली बाते है
जब हम भी थे नादाँन बहुत,
कुछ उम्र की पहली मंजिल थी
और आती थी मुस्कान बहुत ,
ना ही किसी ने समझाया
कुछ रस्ते थे अनजान बहुत,
आखिर हमने भी खेल लिया
जिस खेल में थे नुक्सान बहुत,
वो जीत गए हम हार गए
फिर उसने ने की मनुहार बहुत,
कर लिया शिकार मेरा ही यार
जैसे हम से हो प्यार बहुत ,
वो सब ले के धोखा दे के
जाने कबकैसे यूँ दूर हुए,
था कितना समझाया लोग ने
की प्यार नहीं आसान बहुत,
सब सच ही तो निकला,
की है झूठ की इस रफ़्तार बहुत।
शिखानारी
