दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Sunday, 12 March 2017

खेलो होली

खेलो होली 

लो सजना, लो ,खेलो होली
गाढा लाल रंग इस दिल का ,लो मल दो जिसके तन  चाहो ,
चाहो तो पूरा खून निकालो, हल्का रंग मगर मत डालो ,
ना खेलो होली तुम हम से पर तुम मेरा रंग चुरा लो  ,
कहो तो आरज़ू के सतरंगी रंग भी तुम को ही सौंप दू ,
इंद्रधनुषी कल्पनाये सब हमारी सब तुम्ही से ही तो है 
रंग डालो जिसे चाहो ये रंग ले के रुत तुम्हारी है,
मैं तो कजरे से रंग ले लुंगी तेरी याद में तन्हा ही होली खेलूंगी ,
शिकायत नहीं साजन ये विधना का  तमाशा है 
नही मुझे तो अब स्याह रंग ही भाता है ,
तेरे सिवा फिर कौन सा रंग भला किस्मत में मेरी आता है ,
न आ पाओ तो ख्यालो में ही खेलो होली ,
रंग दो मेरे सपने सपनो में ही ये खालीपन रंग दो ,
मेरी आँखों के आंसू रंग दो मेरी उदास राते  रंगों
रंगों मेरी बाहें ये आहे रंगों
मेरी ये कोरी श्वेत साड़ी रंगों 
सूनी मांग मेरी में फिर से रंग भरो,
नही आओगे ,ये पता है मुझे ,
चलो कब्र में यूँही सोते रहो
फिर होली में मैं सिसकु ,,,तुम भी रोते रहो
                                                                         शिखानारी