दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Sunday, 19 March 2017

अतृप्त आशाये

अतृप्त आशाये
इच्छाये अनन्त ना हो 
आशाये अतृप्त ना हो ,
है ऐसी कोई विधा नही 
जहाँ जीवन हो बदलाव नही ,
मन की चंचलता रुक जाये 
शाखों पर अब गुल ना आये ,
आँखों में स्वप्न ना हो कोई 
तन जीवित और मन मर जाये, 
हम कोर उठा कर आँचल का 
नयनो से आंसू चुरा रहे ,
वो बात कहे कैसे उनसे 
जिन पर खुद हमको ही ,
ऐतबार ना हो 
एक बून्द नई शबनम की है ,
एक कली अभी अधखिली सी है 
सौ बात हुयी मेरी उनसे ,
एक बात मगर, अनकही सी  है। 
शिखानारी