दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Monday, 6 March 2017

उम्र

                                                                          उम्र 
                                                 

जिंदगी  बीतती मेरी पर ,
मैं जीवन को तरसती हूँ। 
रिश्तो के इन धागों में ,
उलझतीहूँ  निकलती हूँ। 
मैं जा कर चाँद तारो तक ,
गिरती और संभालती हूँ। 
मैं किस्मत की लकीरो पर ,
दौड़ती हूँ  फिसलती हूँ। 
मैं रह कर भी समुन्दर में ,
तृप्ति जल को तरसतीहूँ। 
मैं मेघो की गर्जना हूँ ,
या सृष्टि की वर्जना हूँ। 
मैं पत्थर हु या पायस हूँ ,
या दावानल दहकती हूँ  
जरा पहचान दो मेरी ,
पनी हस्ती को तरसती हूँ। 
माध्यम हु मैं  विधना का ,
या बस एक करुण अभिव्यक्ति हूँ