दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Tuesday, 7 March 2017

सूखी धरती

सूखी धरती
नही बस नही ये मुहब्बत  नही 
सूखी धरती पे दिल की ये बरसात क्यों ?
मैं हूँ यूँ ही तन्हा तो ये एहसास क्यों ?
नही है जरुरत किसी दोस्त की 
बंजर है बरसो से दिल की मिट्टी मेरी ,
 तुम उपवन के मौसम न लाओ यहाँ 
कसम है तुम्हे मेरे जज्बात की ,
तन्हा  ही खुश हूँ तन्हा  हंसी 
तन्हा  ही नैनों से बरखा हुयी ,
दिल की धरती पे मेरी भी उपवन खिला
आँसूओ के नमक से वह मुरझा गया, 
नदी प्यार की होके यहाँ से गुजरती नही, 
मैं जीती तो हूँ पर मैं जिन्दा नही
ए !हसरत के मालिक ए इश्क़े नबी,
मैं  लगती हूँ दुल्हन मैं, दुल्हन नहीं 
सिर्फ सूरत से तो इश्क़ करते नही ,
 लाश के संग जीवन गुजरते नही 
अब समय हो गया मय्यत उठाओ मेरी 
यूँ लोगो हंसी ना उड़ाओ मेरी।