उदासी
ये उदासी है बहुत क़ातिल मग़र
जीत लूंगी जिन्दगी की जंग मै!
हौसला है, टूटने ना देँगे साँस को,
हाथ अपना खुद ही ले के अपने हाथ मे
खुद को देंगे साथ अपने साथ का,
हौसले से हाथ अपने हाथ को
क्या हुआ जो रात ये ढलती नही ,
क्या हुआ जो नींद ये खुलती नही
जिन्दगी भर स्वप्न मे डूबे रहे,
क्या हुआ जो आँख अब खुलती नही
क्या हुआ जो
क्या हुआ जो सूखी एक नदी यूँही बिना पानी
क्या हुआ जो खिल न सके गुल यहाँ
क्या हुआ जो बस रहा पतझड़ वहा
था ठिकाना जो मेरे परिवार का
क्या हुआ जो जल रहा मुर्दा वहा,
दी थी जिसने मुझे मेरा हर दर्द मिटाने की कसम,
बर्फ सा ठंडा क्यों उनका हाथ था ,
सफर कर पूरा वो "जालिम "सो गए
जिनके कंधे पर हमे लेना था सहारा
वक़्त की रफ़्तार में वो देखो खो गए
नाम उनका ले के हम जीते रहे.
रास्तो पे छोड़ के जो हम को सो गए
थकन वर्षो से हमें की हम ,सोये नही ,
देख कर हालात भी रोये नही ,
आज उनका नाम ले के रो दिए ,
जिंदगी! हम आज उनको खो गए
अहसास था "वो "है" वो हमसे कहि खो गया ,
इसलिए मासूम ये दिल रो गया।
क्याहुआ???????????????
शिखानारी
जीत लूंगी जिन्दगी की जंग मै!
हौसला है, टूटने ना देँगे साँस को,
हाथ अपना खुद ही ले के अपने हाथ मे
खुद को देंगे साथ अपने साथ का,
हौसले से हाथ अपने हाथ को
क्या हुआ जो रात ये ढलती नही ,
क्या हुआ जो नींद ये खुलती नही
जिन्दगी भर स्वप्न मे डूबे रहे,
क्या हुआ जो आँख अब खुलती नही
क्या हुआ जो
क्या हुआ जो सूखी एक नदी यूँही बिना पानी
क्या हुआ जो खिल न सके गुल यहाँ
क्या हुआ जो बस रहा पतझड़ वहा
था ठिकाना जो मेरे परिवार का
क्या हुआ जो जल रहा मुर्दा वहा,
दी थी जिसने मुझे मेरा हर दर्द मिटाने की कसम,
बर्फ सा ठंडा क्यों उनका हाथ था ,
सफर कर पूरा वो "जालिम "सो गए
जिनके कंधे पर हमे लेना था सहारा
वक़्त की रफ़्तार में वो देखो खो गए
नाम उनका ले के हम जीते रहे.
रास्तो पे छोड़ के जो हम को सो गए
थकन वर्षो से हमें की हम ,सोये नही ,
देख कर हालात भी रोये नही ,
आज उनका नाम ले के रो दिए ,
जिंदगी! हम आज उनको खो गए
अहसास था "वो "है" वो हमसे कहि खो गया ,
इसलिए मासूम ये दिल रो गया।
क्याहुआ???????????????
शिखानारी
