दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Sunday, 9 November 2014

इंद्रधनुष

 इंद्रधनुष
मैने देखें है रंग सभी किस रंग की बात करू मै अभी 
हसँती  भी हू ,और रोती भी ,खाती भी हूँ और सोती भी, 
जीती भी हूँ  और मरती भी हर रंग मे खुद को रंगती भी 
  कभी हूँ उदास कभी मर्म हास कभी तन्हाई में खोती सी, 
 ऐसा भी है जब होंट हँसे आँखे हो लेकिन रोती सी 
कभी पूर्ण हुयी, कभी फिर खाली कभी रंग रंग कभी ,बस काली !
    कभी मन मे इन्द्रधनुष मेरे ,कभी अहसासों से वो खाली 
अभिव्यक्त्  करू अपनी पीड़ा कभी, हंसती और इठलाती भी ,
मै  एक पहेली सी हूँ बस।  
         पतझड़ उपवन मे माली सी। .......
शिखानारी