दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Friday, 14 November 2014

प्रेम सच की सत्य कथा

प्रेम सच की सत्य कथा

मै कैसे विवरण दू सच का ?????
देखा है सच ,इस जीवन का
 कोई भी हो जाना होगा, 
बस एक वस्तु ये, मानव देह 
बस एक धोखा साँसों, की लय, 
बस एक सच है ये, बेकल मन
 बस एक सच है ये, अवचेतन (आत्मा),
हर पल साजन की बातो मे 
गुम रहते थे खुशबु बन के ,  
जो साथी सारा जग अपना 
 सौंप गए मुझ को खुद ,सपना बन के, 
जिस साजन के संग रहने को 
माँ बापू -संगी- साथी छोडे,
जिसको प्रेम प्रेम कह के
 अपना हर सुख दुःख बांटा ,
उसकी देह से प्राण गए पर 
क्या गयी साथ वो ,पावन स्मृतियाँ,  
कैसा है ये ,अतृप्त हृदय
 कैसा है ये,  अपावन मन ,
फिर नया साथ वो ढूंढ रहा 
फिर नया प्रेम नव चिरबंधन ,
जिस हृदय में कोई रहता था 
आएगी  उसकी क्या, याद कभी ,
जो चिर बंधन था साजन से 
ना बचा वो  नन्हा सा भी एक स्पंदन ,
वो साथी जो सब छोङ गया 
मिट जाएगी उसकी हस्ती ?
गर सच है ये फिर प्रेम है कहाँ , 
है क्या झूटी लैला की ,आत्म कथा !
क्यों मजनू था क्यों, फना हुआ ?
सब झूठ  अगर तो प्रेम कहाँ  ?
    बस आज यही पहचाना है
 जग झूटा और दीवाना है,
इस देह की सारी माया है  
तन के आगे जो बढ ना सका ,
वो प्रेम नही बस माया  है 
झूठी क्या मीरा का प्रेम कहानी है,
 जो कृष्णा की दीवानी है ?
झूठा है प्रेम चांदनी का ,
झूठा चकोर, झूटा चंदा ,
  जिस के कारण सबको छोडा,
 उसके ह्रदय में था बस ये, तन मेरा ,
    तन मिटा तो प्रेम है, अर्थ हीन ,
तन नही तो प्रेम ,अस्तित्व हीन  
तन सुन्दर तो ,प्रेम प्रबल! 
तन विकल !तो प्रेम भी अर्थ हीन 
 उफ़ !!!!प्रेम, प्रेम ,ये प्रेम, प्रेम ,,
बस एक मिलन ,दो देहो का 
आज यही पहचाना है,
ये दुनिया पागलखाना है 
अब प्रेम बचा है किस्सों में , 
बाकि तो एक फ़साना है। 
शिखानारी