दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Tuesday, 31 May 2011

यूँही

यूँही 
अगर वफा  ही प्यार को बचा लेती ,लैला की जान क्यों जाती
अगर दर्द कुदरत की कसौटी  होता तो,मजनू की जान क्यों जाती
मैंने तो बस एक लम्हे को तुम्हे अपना कहा ,
अगर हमेशा को अपनाती तो भला मैं क्या पाती