नाकाम चाहत
निशां
तेरे कदमो के निशां जब ना होंगे
हमे रास्तो का कैसे पता तब चलेगा
मंज़िल हमारी तुम्हारी थी बाहे
कहाँ आपके बिन बसेरा मिलेगा
बस तेरी आरज़ू को ,समेटे- समेटे
मुझे क्या नया एक सवेरा मिलेगा ,
बहुत खूबसूरत खुदा की ये दुनिया
यहाँ कोई चेहरा खुदा सा मिलेगा?
तुम्हारी मुहब्बत को दिल में छुपा के
तेरी परछाईयो का ही तो पहरा मिलेगा,
तुम्हे कितनी शिद्दत से हम मांगते थे
मेरे बाद तुमको खत ये ,मेरा मिलेगा
अगर मेरी मय्यत पे ,तुम आ ना पाए
जन्नत में मुझको अँधेरा मिलेगा
गहरे अँधेरे में दफना के साथी
तुम्हे कैसे रोशन सवेरा मिलेगा
SHIKHANAARI
तेरे कदमो के निशां जब ना होंगे
हमे रास्तो का कैसे पता तब चलेगा
मंज़िल हमारी तुम्हारी थी बाहे
कहाँ आपके बिन बसेरा मिलेगा
बस तेरी आरज़ू को ,समेटे- समेटे
मुझे क्या नया एक सवेरा मिलेगा ,
बहुत खूबसूरत खुदा की ये दुनिया
यहाँ कोई चेहरा खुदा सा मिलेगा?
तुम्हारी मुहब्बत को दिल में छुपा के
तेरी परछाईयो का ही तो पहरा मिलेगा,
तुम्हे कितनी शिद्दत से हम मांगते थे
मेरे बाद तुमको खत ये ,मेरा मिलेगा
अगर मेरी मय्यत पे ,तुम आ ना पाए
जन्नत में मुझको अँधेरा मिलेगा
गहरे अँधेरे में दफना के साथी
तुम्हे कैसे रोशन सवेरा मिलेगा
SHIKHANAARI
