प्रश्न तालिका
ह्रदयहीन इस मानवता का नए, सृजन की उत्सुकता का
अभिवयक्ति की उत्कंठा का सबका ,क्या ये ही स्थान?,
समय वृक्ष की लंबी शाखो में नव सृजन का, नव निर्माण
आज प्रश्न सबसे है मेरा ,इनका क्या ये ही स्थान ,
मानव मन की भावुकता का क्यों, करते है सब अपमान
इसका क्या ये ही स्थान? ????????????????
बिन सुगंध पवन झकोरे ,बिन शाखो के शीतल छाया
बिना रंग फागुन पिचकारी, बिना दर्द के प्रेम पुजारी ,
बिना रूप के सुंदर नारी ,इस युग में न हो कोई अनुरागी
जिसमे ना हो कोई आशा -तृष्णा, ना ही हो कोई हो अरमान ,
कहां मिलेगा वो इंसान ??????????????????????
ना कोई जीते ना ही हारे न ,बिछड़े ना मिलन पुकारे,
ना कोई तुमको सजन पुकारे, ना कोई माँ ना बहन पुकारे ,
यूँही आये यूँही जाओ ना ,कोई नव सृजन पुकारे
आंसू ना आये आँखों में ,हंस कर सो जाए रातो में ,
फिर भी
नव जीवन का हो अवसान ,प्रकृति का होता हो मान
कहाँ मिलेगा वो स्थान ???????????????????????,
रिश्ते हो पर स्वार्थ ना हो कोई दर्द ,बगावत ना हो
नारी की छवि गारत ना हो ना हो, पुरुषो को अभिमान ,
नारी मर्यादा को माने ,पुरुषो को हो कुल का ध्यान
कहाँ गया वो देश महान ,
कहाँ मिलेगा वो स्थान ?
शिखानारी
शिखानारी
