दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Monday, 27 March 2017

शहनाई

शहनाई


कितनी धीमी सी है ये शहनाई ,
कितने मद्धम से स्वर लगाए है 
गाऊ तो मैं मगर साथी !
 राग पकड़ू कैसे?सुर मिलाऊ कैसे ? 
तान छेडू कैसे? गीत गाऊ कैसे ?
उनको कोई जरा खबर दे दो, 
साज़ को एक नया सा  सुर दे दो,
मैं भी फिर ताल से ताल को मिलाऊ तो 
एक नया प्रेम गीत गाऊ तो,
एक जमाना हुआ हँसे  हमको ,
मैं अब फिर से मुस्कुराऊँ तो ,
अपने रूठी  हुयी सी  किस्मत को ,
फिर जरा अपनी मैं  मनाऊ तो ,
पिया! बिछड़े तो जग ही छोड़ दिया 
तुम फिर मिले हो सबको ये बताऊ तो ,
मैं  नही हूँ  अब तन्हा लोगो ,
अब  जरा उनसे  नज़र मिलाऊ तो ,
 एक बार फिर से हार के जीत जाऊ तो 
मैं भी अब सब से दाद पाऊ तो. . 

शिखानारी