दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Friday, 5 February 2016

मै जागी हु

मै जागी हु 
मै कुछ कह दू हमदर्द मेरे क्या समझ सकोगे बोलोना  ?
मेरे प्रश्नो मे उलझ कही अस्तित्व स्वयं का ना खो दोगे
या मुझे यूँही पागल कह के मेरी हसरत पे तुम रो दोगे, 
कोई तो होगा जो समझे कोई तो होगा जो कह दे 
कोई तो पता बता देगा क्यों अपने साजन को खो बैठी ,
कोई तो वजह बता देगा 
मै इतनी विचलित सी क्यों हूँ  कोई तो मुझे  सलाह देगा ,
बस छोटी सी एक हसरत थी उससे भी छोटा ख्वाब मेरा 
एक अदना सी उस ख्वाहिश का अदना सा था संसार मेरा ,
जो फिर ख्वाहिश मै कर न सकी था वो पहला प्यार मेरा 
क्यों थक कर इतना चूर हुए ऐसे सोये वो उठे नहीं,
वो चिरनिद्रा में  लीन हुये  मै अब तक
 तन्हा सी जागी  हूँ  उफ़! मैं कैसी हतभागी हूँ ,
एक छोटा सा वादा था एक छोटी सी थी कसम मेरी 
वह भूल गया मै न भूल सकी, बस इतनी ही अपराधी हूँ ,
वो भवसागर के पार हुआ और मै अब तक ,इस पार खड़ी
ओ सजना हाथ पकड़ लो ना तुम बिन, मुझे क्या मोह माया 
अपनी हर हसरत और ख्वाहिश से तुम बिन सैंया बैरागी हूँ 
शिखानारी