दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Thursday, 9 June 2011

कमजोर तार

कमजोर तार 

हम अपनी ख्वाहिशो को मारते  रहे 
अपने हर एक  स्वप्न को बस नकारते रहे ,
एक नीड बनाले संसार बसा ले 
इस स्वप्न को बस, स्वप्न में संवारते रहे,  
 उनके ही हाथो ख्वाबो के टूटते संसार को देखा 
कितने पीछे रह गए हम हमसफ़र पाने की हसरत में  ,
तू आगे बहुत आगे हमसे बढ़ती रही ओ जिंदगी 
हमने देखी  ना तेरी रफ्तार बस उनके प्यार को देखा  ,
जब पीछे बहुत रह गए राहो में कही हम 
 रिश्तो को टूटते हुए बीच मंझधार  में देखा ,
हम  बहुत करते थे गुरुर अपनी वफ़ा पर 
 लो हमने अपने प्यार में भी एक को देखा ,
अब देखने को बाकि कुछ भी नही रहा 
अश्क़ो को भर के आंख में ,
कभी अपने और कभी तुम्हारे प्यार को देखा 
साजन तेरे प्यार की हर जीत को परखा
और हाँ !अपनी वफ़ा की ही  हमने  हार को देखा। 

shikhanaari