दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Thursday, 18 April 2019

सूखते फूलो को चाहिए ,दो बून्द शबनम क्या फ़िज़ा में कुछ नमी बाकी है,अब भी 
इस तरह मत देखिये बे-राब्ता से , क्या मुहब्बत में कुछ कमी बाकी है, अब भी 
शिखानारी

Sunday, 7 April 2019

सरकार किसकी बनेगी,सियासत कौन करेगा
जो ग़म आज ज़िंदा है,वो दिल में ,कल भी रहेगा
पड़ेगा फ़र्क़ आपको ना फ़र्क़ हमको पड़ेगा
जों घर आज तंहा वो तनहा कल भी रहेगा
सूखे पेड़ से छाया या प्यास सुखी नदी से
ना कभी पहले बुझी थी, ना ही वो आज बुझेगी
तमाम उम्र दोस्तों मेरी , ख़्वाबों के मरघट में कटी है
यहाँ ना पहले ख़ुशी थी,ना कभी आगे मिलेगी
Shikha Naari🙏
मनके मन के सारस तन के
बरसे ख़ुशियाँ पावस बन के
बूँदो की हर थाप रिझाये
अहसासों की थिरकन बन के 🙏शिखा

Saturday, 6 April 2019


आज बॉंवरी हो जाऊँ ,अपने कृष्णा में खो जाऊ 
मैं  हूँ बांसुरी मधुर, बोलो क्या मधुर तान छेड़ आऊँ 
मैं  ही तो हूँ जो राधा को कृष्णा के पास ,खींच लाऊँ 
गर्विता, अधर पे कृष्णा के विश्राम मेरा चिर निद्रा तक ,
कोटि पुण्य का ये प्रताप ,श्याम अधर पे मैं ,मोक्ष पाऊं 
मैं  कृष्ण प्रिय,मैं कृष्ण सखी ,मुझ बिन तुम कृष्ण, कहाँ पाओ 
मैं  कृष्णा के अधरों पर उनके हाथो में पाँव धरुं 
फिर सुमधुर तान छेड़े कृष्णा ,मैं उन तानो में नृत्य करूँ  
शिखानारी

Sunday, 24 March 2019

फराग  दिल  नहीं हूँ ,मगर हाँ बावफ़ा  जरूर हूँ ,
 गुफ्तगू के बाद , तुझसे कुछ  गमदीदा जरूर हूँ 
हमनशीं तुम हो नहीं ,  हमसे क्या है राब्ता ?
रात दिन इस फ़िक्र में , डूबी हुयी जरूर हूँ 

Saturday, 23 March 2019

ये धोखा है ,ये साज़िश है ,ये कोई जालसाज़ी है 
भला सच में ,कोई दिल किसी को ,इतना याद करता है .
🙏shikhanaariI

Friday, 22 March 2019

ज़रूरत क्या की उलझो आग से,
जबपता हो जल ही जाना हैं
बेहतर हैं ज़रा बच के निकले ,
आख़िर आपको साथ मेरे दर्द के बस
 कुछ दूर ही तो जाना है🙏
Shikha