लो सजना, लो ,खेलो होली
गाढा लाल रंग इश्क़ का ,जितना चाहे रंग लगा लो ,
पूरा खून निकालो चाहे , हल्का रंग मगर मत डालो ,
ना खेलो होली तुम हम से ,पर तुम मेरा रंग चुरा लो ,
सात रंग न डालो साजन ,मांग मेरी लेकिन भर डालो ,
सतरंगी सपनो से अपने मैं खुद तुमसे खेलूंगी होली
अब क्या रंग चढ़ेगा दूजा सात जन्म जब तेरी हो, ली
very very colourful HOLI to all
shikhanaari