दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Tuesday, 13 March 2018

सुप्रभात 
उफ़! ये भीनी महक सौंधी सी मिटटी की ,शायद वृष्टि सृष्टि पे पिघली है 
इस सुबह चलो हम सोचे, प्रकृति से टूटे रिश्ते में आखिर किस किस की गलती है? 
शिखानारी