दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Tuesday, 20 March 2018

क्या है ???

                                                              क्या है ???
ऐ  खुदा! तेरी दुनिया का ये, मंजर क्या है ?
कही विश्वास कही पीठ में ,खंज़र क्या है ?
सुना है, तू हर ज़र्रे में छुपा रहता है 
तो फिर इस जमी पे, कही मंदिर कही मस्जिद क्या है ?
जब इन मुल्को में, बसनेवाले सभी बंदे है तेरे 
तो फिर ,कोई  दुश्मन कोई  रहबर क्या है? 
तेरा वज़ूद, जो बाबस्ता है यहाँ हर शैय में ,
तो कही पक्की फसल और कही  जमी बंजर क्या है?
कहते है तू  सबको प्यार करता है ,
तो फिर, कोई बदनसीब कोई मुक़द्द्र का सिकंदर क्या है ? 
शिखानारी