दिल दिया सौ बार अपने दिल से पूछ के ,
जो भी था हमारा उसने ये ही राय दी ,
बेखुदी' मे दोस्तों ने दुश्मन सी बात की
पर
तू ही मेरा दिल है सुन ले कुछ ख्वाब साथ बुन ले ,
पर
तू ही मेरा दिल है सुन ले कुछ ख्वाब साथ बुन ले ,
मुझे आज कर शराबी नई हसरतो को चुन ले ,
मैंने तुझको चुन लिया है फिर ख्वाब बुन लिया है ,
तेरा नाम मेरी मन्नत तेरा दर हुआ है मंदिर,
तेरा साथ मंजिले है तेरा हर कदम है कलमा ,
तेरा दरश मेरा काबा मेरा वक़्त सिर्फ तेरा
अब जिंदगी में क्या है?तू ही तू तो हर जगह है ,
मैं तुझमे खो गयी हूँ ,मुझे खुद में तू मिला ले
यूँ एक सार हो जा ,अगर मुझको ढूढ़ना हो ,
मुझे तुम में लोग पाए ,गर तुम को ढूढ़ना हो
हम दिल चीर के दिखाए। .....
