दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही

दिल है तो दर्द होगा दर्द है तो इश्क़ होगा ही इश्क़ है तो अश्क़ होंगे फिर आखिर आशिक़ शहीद होंगे ही
दिल है तो दर्द होगा,दर्द है तो इश्क़ होगा ही ,इश्क़ है तो अश्क़ होंगे , फिर आशिक़ शहीद होंगे ही.

Thursday, 23 March 2017

एक बीज

एक बीज


एक बीज की आत्म कथा ये 
खुद सृष्टि की संरचना है ,
कितनी छोटी सी रचना है 
इसमें सारा जग अपना है ,
एक बीज के इस कोटर में
इस  जीवन का  सार छुपा है ,
पंच तत्व की अनुभूति का 
इसमें ही तो तार छुपा हैं 
जल ,अग्नि ,आकाश, वायु 
और पृथ्वी के संगम से, 
सहज ही आ जाता है जीवन  
छोटे से कठोर बीज के कोटर में,
हम बो कर  गर भूल भी जाए 
प्रकृति अपना चक्र चलाये  है 
पंच तत्व का भोग लगा कर
 हर जीवन को महकाये  है ,
हम भी तो इस पंचतत्व के
 संगम के उदाहरण है ,
एक बीज से जन्म हमारा 
ये तन मिट्टी सजन हमारा, 
जिस दिन साँसे रुक जाएगी 
पंचतत्व में  खो जाएंगे 
हम इस मिटटी के बन्दे है
 मिटटी में ही सो  जायेंगे ,
इस उलझे से जीवन का
 इतना सा है सार हमारा, 
कितनी छोटी सी रचना है, 
इसमें सारा जग अपना है। 
शिखानारी